मराठी साहित्य: प्रसिद्ध लेखक, कवींची टोपणनावे, प्रसिद्ध ग्रंथ व ४ ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेते
📚 मराठी साहित्य: लेखक, कवी, टोपणनावे, ग्रंथ व ज्ञानपीठ पुरस्कार MPSC राज्यसेवा, पोलीस भरती, तलाठी, PSI व सरळसेवा परीक्षांमध्ये मराठी साहित्यावर दरवर्षी ४–८ प्रश्न विचारले जातात. ४ ज्ञानपीठ पुरस्कार...
मराठी साहित्य: लेखक, कवी, टोपणनावे, ग्रंथ व ज्ञानपीठ पुरस्कार
MPSC राज्यसेवा, पोलीस भरती, तलाठी, PSI व सरळसेवा परीक्षांमध्ये मराठी साहित्यावर दरवर्षी ४–८ प्रश्न विचारले जातात. ४ ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेते, टोपणनावे, ६५+ प्रसिद्ध लेखक-कवी व त्यांची पुस्तके — सगळे एकाच ठिकाणी. मराठीला ३ ऑक्टोबर २०२४ रोजी अभिजात भाषा दर्जा मिळाला.
🏆 भाग १ — मराठीतील ४ ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेते
भारताचा सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार. मराठी भाषेला आजपर्यंत ४ वेळा हा गौरव मिळाला आहे.
| वर्ष | साहित्यिकाचे नाव | गौरवित ग्रंथ | विशेष माहिती व इतर प्रमुख ग्रंथ |
|---|---|---|---|
| १९७४ |
वि. स. खांडेकर
(विष्णू सखाराम खांडेकर)
|
'ययाती' (कादंबरी) | मराठी साहित्याला मिळालेला पहिला ज्ञानपीठ पुरस्कार. साहित्य अकादमी पुरस्कार (१९६०). इतर कादंबऱ्या: क्रौंचवध, अमृतवेल, उल्का, दोन ध्रुव, हिरवा चाफा, काचेची बाहुली, दोन मने, अश्रू. |
| १९८७ |
कुसुमाग्रज
(विष्णू वामन शिरवाडकर)
|
समग्र साहित्य ('नटसम्राट' व 'विशाखा') | २७ फेब्रुवारी हा यांचा जन्मदिवस 'मराठी भाषा गौरव दिन' म्हणून साजरा केला जातो. साहित्य अकादमी (१९७४). इतर: किनारा, वीज म्हणाली धरतीला, ययाती आणि देवयानी, मुक्ता, नाटक: विदूषक. |
| २००३ |
विंदा करंदीकर
(गोविंद विनायक करंदीकर)
|
'अष्टदर्शने' व समग्र काव्यसाहित्य | थोर प्रयोगशील कवी व तत्त्वज्ञ. कबीर सन्मान पुरस्कार विजेते. इतर ग्रंथ: स्वेदगंगा, मृद्गंध, धृपद, जातक, संहिता, राणीची बाग (बालकविता). विंदा-बापट-पाडगावकर ही मराठी कवितेची प्रसिद्ध त्रिमूर्ती. |
| २०१४ |
डॉ. भालचंद्र नेमाडे
(भालचंद्र वनाजी नेमाडे)
|
'हिंदू: एक जगण्याची समृद्ध अडगळ' | मराठीतील 'देशीवाद' सिद्धांताचे प्रणेते. १९६३ ची 'कोसला' कादंबरी देशीवादी साहित्याचा पाया मानली जाते. साहित्य अकादमी (१९९१). इतर: बिढार, हूल, झूल, जरिला (चंद्रमा कादंबरी त्रयी), देखणी (काव्य), टीकास्वयंवर (समीक्षा). |
✍️ भाग २ — प्रसिद्ध साहित्यिकांची टोपणनावे (Pen Names Master List)
परीक्षेत 'खरे नाव → टोपणनाव' किंवा 'टोपणनाव → खरे नाव' असे दोन्ही प्रकारचे प्रश्न विचारले जातात.
| अ.क्र. | पूर्ण खरे नाव | प्रसिद्ध टोपणनाव | विशेष ओळख / गाजलेली रचना |
|---|---|---|---|
| १ | कृष्णाजी केशव दामले | केशवसुत | आधुनिक मराठी कवितेचे जनक; 'तुतारी', 'झपुर्झा', 'नवा शिपाई' |
| २ | त्र्यंबक बापूजी ठोंबरे | बालकवी | मराठीतील निसर्गकवी; 'औदुंबर', 'फुलराणी', 'आनंदी आनंद गडे' |
| ३ | राम गणेश गडकरी | गोविंदाग्रज (कविता) / बाळकराम (विनोद) | मराठी नाटकाचे शेक्सपिअर; 'एकच प्याला', 'प्रेमसंन्यास', 'भावबंधन' |
| ४ | प्रल्हाद केशव अत्रे | केशवकुमार | विडंबन काव्याचे सम्राट; 'झेंडूची फुले'; नाटक: 'तो मी नव्हेच', 'मोरूची मावशी' |
| ५ | गोपाळ हरी देशमुख | लोकहितवादी | 'प्रभाकर' पत्रातील 'शतपत्रे'; पुरोगामी समाजसुधारक |
| ६ | चिंतामण त्र्यंबक खानोलकर | आरती प्रभू | 'जोगवा', 'नक्षत्रांचे देणे', 'रात्र काळी घागर काळी'; गूढ काव्य |
| ७ | माणिक सीताराम गोडघाटे | कवी ग्रेस | 'संध्याकाळच्या कविता'; गूढ व दुःखानुभवाची कविता; साहित्य अकादमी २०११ |
| ८ | आत्माराम रावजी देशपांडे | अनिल | मराठीत मुक्तछंद व 'दशपदी' काव्यप्रकाराचे जनक; साहित्य अकादमी |
| ९ | शंकर काशिनाथ गर्गे | दिवाकर | मराठीतील नाट्यछटांचे जनक |
| १० | गजानन दिगंबर माडगूळकर | गदिमा | महाराष्ट्राचे 'आधुनिक वाल्मीकी'; 'गीत रामायण' (५६ गीते) |
| ११ | यशवंत दिनकर पेंढारकर | कवी यशवंत | रविकिरण मंडळाचे प्रमुख कवी; 'महाराष्ट्र कवी' पदवी; 'यशोधन' |
| १२ | नारायण मुरलीधर गुप्ते | कवी 'बी' | 'चाफा बोलेना चाफा चालेना' या अजरामर कवितेचे रचनाकार |
| १३ | नारायण सूर्याजी ठोसर | समर्थ रामदास स्वामी | 'दासबोध', 'मनाचे श्लोक'; छत्रपती शिवाजी महाराजांचे गुरू |
| १४ | पांडुरंग सदाशिव साने | साने गुरुजी | 'श्यामची आई', 'धडपडणारी मुले'; स्वातंत्र्यसैनिक व बाल साहित्यकार |
| १५ | नामदेव धोंडो महानोर | रानकवी | अजिंठा डोंगरांमधील मातीचे कवी; 'पानझड', 'रानातल्या कविता' |
📖 भाग ३ — ६५+ श्रेष्ठ मराठी लेखक, कवी व त्यांची गाजलेली पुस्तके
🏛️ अ) ज्ञानपीठ व साहित्य अकादमी विजेते श्रेष्ठ साहित्यिक
| क्र. | लेखक / कवी | टोपणनाव | प्रमुख ग्रंथ / कादंबऱ्या / काव्यसंग्रह | साहित्यप्रकार व पुरस्कार |
|---|---|---|---|---|
| १ | विष्णू सखाराम खांडेकर (वि. स. खांडेकर) | — | ययाती, क्रौंचवध, अमृतवेल, अश्रू, उल्का, दोन ध्रुव, हिरवा चाफा, काचेची बाहुली | कादंबरी (ज्ञानपीठ १९७४, साहित्य अकादमी १९६०) |
| २ | विष्णू वामन शिरवाडकर | कुसुमाग्रज | नटसम्राट, विशाखा (काव्यसंग्रह), किनारा, वीज म्हणाली धरतीला, ययाती आणि देवयानी, मुक्ता | नाटक व काव्य (ज्ञानपीठ १९८७, साहित्य अकादमी १९७४) |
| ३ | गोविंद विनायक करंदीकर | विंदा करंदीकर | अष्टदर्शने, स्वेदगंगा, मृद्गंध, धृपद, जातक, संहिता, राणीची बाग (बालकविता) | काव्य व तत्त्वज्ञान (ज्ञानपीठ २००३, कबीर सन्मान) |
| ४ | डॉ. भालचंद्र वनाजी नेमाडे | — | हिंदू : जगण्याची समृद्ध अडगळ, कोसला (१९६३), बिढार, हूल, झूल, देखणी (काव्य), टीकास्वयंवर | कादंबरी व समीक्षा (ज्ञानपीठ २०१४, साहित्य अकादमी १९९१) |
| ५ | पुरुषोत्तम लक्ष्मण देशपांडे (पु. ल. देशपांडे) | भाई | बटाट्याची चाळ, व्यक्ती आणि वल्ली, असा मी असामी, अपूर्वाई, पूर्वरंग, ती फुलराणी, तुका म्हणे आता | ललित, विनोद व नाटक (साहित्य अकादमी १९६५, पद्मभूषण) |
| ६ | शिवाजी सावंत | — | मृत्युंजय (कर्णावर), छावा (संभाजी महाराजांवर), युगंधर (कृष्णावर), लढत | महाकादंबरी (भारतीय ज्ञानपीठ मूर्तीदेवी पुरस्कार) |
| ७ | विश्वास पाटील | — | पानिपत, महानायक (नेताजी), झाडाझडती, संभाजी, चंद्रमुखी, रणांगण | ऐतिहासिक कादंबरी (साहित्य अकादमी १९९२ - झाडाझडती) |
| ८ | रणजित देसाई | — | स्वामी (माधवराव पेशवे), श्रीमान योगी (शिवाजी महाराज), राधेय, लक्ष्यवेध | ऐतिहासिक कादंबरी (साहित्य अकादमी १९६४ - स्वामी) |
| ९ | व्यंकटेश माडगूळकर | तात्या | बनगरवाडी, मानदेशी माणसं, वावटळ, सत्तांतर, नागझिरा, कोवळे दिवस | ग्रामीण कादंबरी (साहित्य अकादमी १९८३ - सत्तांतर) |
| १० | आनंद यादव | — | झोंबी, नांगरणी, घरभिंती, काचवेल, गोतावळा, माळावरची मैना | ग्रामीण आत्मकथा (साहित्य अकादमी १९९० - झोंबी) |
📚 ब) गाजलेले सामाजिक, ऐतिहासिक व ग्रामीण कादंबरीकार
| क्र. | लेखक / कादंबरीकार | गाजलेली पुस्तके | कथ्य विषय / विशेष ओळख |
|---|---|---|---|
| ११ | अण्णा भाऊ साठे (तुकाराम भाऊराव साठे) | फकिरा, वारणेचा वाघ, चित्रा, वैजयंता, रानगंगा, चिखलातील कमळ, माकडीचा माळ | मातंग व कष्टकरी समाजाचा संघर्ष; 'फकिरा' ला राज्य पुरस्कार; लोकशाहीर |
| १२ | साने गुरुजी (पांडुरंग सदाशिव साने) | श्यामची आई, धडपडणारी मुले, भारतीय संस्कृती, गोड गोष्टी, क्रांती, सुंदर पत्रे | मातृप्रेम, संस्कार व स्वातंत्र्यलढ्यातील आदर्शवाद; बाल साहित्य |
| १३ | हरि नारायण आपटे (ह. ना. आपटे) | पण लक्षात कोण घेतो!, उषःकाल, गड आला पण सिंह गेला, सूर्योदय, रूपनगरची राजकुमारी | मराठीतील वास्तववादी सामाजिक व ऐतिहासिक कादंबरीचे जनक |
| १४ | नारायण सीताराम फडके (ना. सी. फडके) | कुलाब्याची दांडी, दौलत, जादूगार, प्रवासी, प्रतिभा साधन | कलावादी तंत्रशुद्ध कादंबरीचे जनक ('कलेसाठी कला' सिद्धांत) |
| १५ | श्रीपाद नारायण पेंडसे (श्री. ना. पेंडसे) | गारंबीचा बापू, रथचक्र, लव्हाळी, हत्या, यल्गार, तुंबाडचे खोत | कोकणच्या निसर्गातील माणसांचे जिवंत चित्रण (साहित्य अकादमी - रथचक्र) |
| १६ | रावसाहेब रंगराव बोराडे (रा. रं. बोराडे) | पाचोळा, आमदार सौभाग्यवती, मळणी, कणसं आणि कण्या, चार दिवस सासूचे | मराठवाड्यातील दुष्काळग्रस्त शेतकरी व ग्रामीण वास्तव |
| १७ | चिंतामण त्र्यंबक खानोलकर (आरती प्रभू) | रात्र काळी घागर काळी, कोंडुरा, अजगर, पाषाणपालवी, त्रिशंकू | गूढ, मानवी मनातील अतर्क्य व काव्यात्मक कादंबऱ्या |
| १८ | गोपाळ नीलकंठ दांडेकर (गो. नी. दांडेकर) | दुर्गभ्रमणगाथा, स्मरणगाथा, माचीवरला बुधा, शितू, पडघवली, जैतू | महाराष्ट्र भ्रमंती, गडकिल्ले व दुर्गप्रेमी लेखक (साहित्य अकादमी - स्मरणगाथा) |
| १९ | वि. स. वाळिंबे (गजानन श्रीपाद वाळिंबे) | शिवाजी महाराज, नेताजी, झाशीची राणी लक्ष्मीबाई, १८५७ चे स्वातंत्र्यसमर, हिटलर | अत्यंत वाचनीय व प्रभावी ऐतिहासिक चरित्रकार |
| २० | हमीद दलवाई | इंधन, लाट (कथासंग्रह), मुस्लिम पॉलिटिक्स इन सेक्युलर इंडिया | कोकणातील मुस्लिम समाजवास्तव व धर्मनिरपेक्ष विचारवंत |
🎭 क) मराठीतील श्रेष्ठ नाटककार व अजरामर नाटके
| क्र. | नाटककार | गाजलेली नाटके | वैशिष्ट्ये व नाट्यप्रकार |
|---|---|---|---|
| २१ | राम गणेश गडकरी (गोविंदाग्रज / बाळकराम) | एकच प्याला, प्रेमसंन्यास, पुण्यप्रभाव, भावबंधन, राजसंन्यास | मराठी नाट्यसृष्टीतील 'शेक्सपिअर'; दारूच्या व्यसनावर 'एकच प्याला' हे ट्रॅजेडी नाटक |
| २२ | विजय तेंडुलकर | शांतता! कोर्ट चालू आहे, घाशीराम कोतवाल, सखाराम बाईंडर, कन्यादान, कमला, गिधाडे | आधुनिक भारतीय प्रायोगिक नाटकांचे आधारस्तंभ (साहित्य अकादमी, पद्मभूषण) |
| २३ | वसंत कानेटकर | रायगडाला जेव्हा जाग येते, इथे ओशाळला मृत्यू, अश्रूंची झाली फुले, लेकुरे उदंड झाली, मत्स्यगंधा | भव्य ऐतिहासिक व कौटुंबिक नाटकांचे सम्राट (साहित्य अकादमी) |
| २४ | प्रल्हाद केशव अत्रे (आचार्य अत्रे / केशवकुमार) | मोरूची मावशी, तो मी नव्हेच, लग्नाची बेडी, साष्टांग नमस्कार, घराबाहेर | तुफानी विनोदी व सामाजिक नाटके; 'तो मी नव्हेच' मध्ये लखोबा लोखंडेचे बहुवेषी पात्र |
| २५ | गोविंद बल्लाळ देवल | संगीत शारदा, संगीत संशय कल्लोळ, संगीत मृच्छकटिक, झुंझारराव | बालविवाह व जरठविवाहावर प्रहार; पहिले मराठी सामाजिक नाटक (शारदा - १८९९) |
| २६ | महेश एलकुंचवार | वाडा चिरेबंदी, मग्न तळ्याकाठी, युगांत (वाडा त्रिनाट्य), रक्तपुष्प, प्रतिबिंब | सरस्वती सन्मान व संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार; आंतरराष्ट्रीय नाटककार |
| २७ | सतीश आळेकर | महानिर्वाण, बेगम बर्वे, शनिवार-रविवार, मिकी आणि मेमसाहेबा | 'घाशीराम कोतवाल' चे दिग्दर्शक; ब्लॅक कॉमेडी प्रायोगिक नाटकांचे जनक |
| २८ | पुरुषोत्तम दारव्हेकर | कट्यार काळजात घुसली, संगीत मत्स्यगंधा, अश्रूंची झाली फुले (दिग्दर्शन) | शास्त्रीय संगीतावर आधारित संगीत नाटकांचे पुनरुज्जीवन |
| २९ | अण्णासाहेब किर्लोस्कर (बळवंत पांडुरंग) | संगीत शाकुंतल (१८८०), संगीत सौभद्र (१८८२), रामराज्यवियोग | मराठी संगीत नाटकांचे जनक ('नाट्यकलेचे भीष्माचार्य') |
| ३० | विष्णूदास भावे | सीता स्वयंवर (१८४३) | मराठी रंगभूमीचे जनक — सांगली येथे १८४३ मध्ये पहिले मराठी नाटक सादर |
🌸 ड) प्रसिद्ध कवी, टोपणनावे व अजरामर काव्यसंग्रह
| क्र. | कवीचे पूर्ण नाव | टोपणनाव | प्रसिद्ध काव्यसंग्रह / कविता | काव्यवैशिष्ट्ये |
|---|---|---|---|---|
| ३१ | कृष्णाजी केशव दामले | केशवसुत | तुतारी, झपुर्झा, नवा शिपाई, हरपले श्रेय, मूर्तिभंजन | आधुनिक मराठी कवितेचे जनक |
| ३२ | त्र्यंबक बापूजी ठोंबरे | बालकवी | औदुंबर, आनंदी आनंद गडे, फुलराणी, श्रावणमास, अरुण, संध्यारजनी | मराठीतील निसर्गकवी (केवळ २४ व्या वर्षी निधन) |
| ३३ | गजानन दिगंबर माडगूळकर | गदिमा | गीत रामायण (५६ गीते), जोगिया, चैत्रबन, सुगंधी माती, काव्यामृत | महाराष्ट्राचे आधुनिक वाल्मीकी |
| ३४ | मंगेश केशव पाडगावकर | — | सलाम, जिप्सी, धारानृत्य, छोरी, बोलगाणी, मीरा, वात्रटिका, भटक्या | साहित्य अकादमी १९८०; विंदा-बापट-पाडगावकर काव्यत्रयी |
| ३५ | वसंत जनार्दन बापट | — | बिजली, सेतू, अकरावी दिशा, सकीना, मानसी, शिंग फुंकले रणी | राष्ट्रसेवा दलाचे कवी; ओजस्वी देशप्रेम व शृंगारिक कविता |
| ३६ | नारायण गंगाराम सुर्वे | — | माझे विद्यापीठ, जाहीरनामा, सनद, नव्या माणसाची कविता, ऐसपैस गवत | मुंबईतील कामगार, कष्टकरी व फुटपाथवरील जगण्याचे कवी |
| ३७ | नामदेव धोंडो महानोर | रानकवी | पानझड, रानातल्या कविता, वही, गांधारी, पळसखेडची गाणी, जैत रे जैत (गीते) | अजिंठा डोंगररांगांमधील अस्सल शेती-मातीचे कवी (साहित्य अकादमी) |
| ३८ | माणिक सीताराम गोडघाटे | कवी ग्रेस | संध्याकाळच्या कविता, राजपुत्र आणि डार्लिंग, चंद्रमाधवीचे प्रदेश, सांध्यपर्वातील वैष्णव | गूढ, दुःखानुभव व अथांग आर्ततेची कविता (साहित्य अकादमी २०११) |
| ३९ | बहिणाबाई नथुजी चौधरी | — | बहिणाबाईंची गाणी ('अरे संसार संसार', 'माझी माय सरसोती', 'धरत्रीच्या कुशीमंदी') | अशिक्षित शेतकरी माउली; लेवा गणबोलीतील जीवनतत्त्वज्ञान |
| ४० | शांता जनार्दन शेळके | — | वर्षा, तोच चंद्रमा नभात, गोंदण, जन्मजाह्नवी, अनोळख, पावसातला पाऊस | ज्येष्ठ कवयित्री, गीतकार व अनुवादक; संगीत नाटकांची अभ्यासक |
| ४१ | इंदिरा नारायण संत | — | गर्भरेशीम, शेला, मेंदी, मृगजळ, चित्कळा, बाहुल्या, वंशकुसुम | विरह व उत्कट स्त्रीमनाची भावकविता (साहित्य अकादमी १९८४) |
| ४२ | आत्माराम रावजी देशपांडे | अनिल | दशपदी, फुलवात, भग्नमूर्ती, निर्वासित चीनी मुलास, पेर्तवे | मराठीत मुक्तछंद व 'दशपदी' काव्यप्रकाराचे जनक (साहित्य अकादमी) |
| ४३ | यशवंत दिनकर पेंढारकर | कवी यशवंत | यशोधन, भावमंथन, तुटलेले दुवे, आई (कविता), छत्रपती शिवराय | रविकिरण मंडळाचे प्रमुख कवी; 'महाराष्ट्र कवी' पदवी |
| ४४ | नारायण मुरलीधर गुप्ते | कवी 'बी' | फुलांची ओंजळ, वेणूची गाणी, चाफा (कविता), पिंगा | 'चाफा बोलेना, चाफा चालेना' या अजरामर कवितेचे रचनाकार |
| ४५ | प्रल्हाद केशव अत्रे | केशवकुमार | झेंडूची फुले (विडंबन काव्यसंग्रह) | मराठीतील विडंबन काव्याचे अनभिषिक्त सम्राट |
✊ ई) दलित साहित्य, आत्मकथने, विचारवंत व प्राचीन संत साहित्य
| क्र. | लेखक / विचारवंत | प्रसिद्ध पुस्तके / आत्मकथने / ग्रंथ | ऐतिहासिक व सामाजिक महत्त्व |
|---|---|---|---|
| ४६ | दया पवार (दगडू मारुती पवार) | बलुतं (१९७८), कोंडवाडा (काव्य), चावडी, पासंग, विठाळ | मराठीतील पहिले दलित आत्मकथन; जागतिक भाषांत अनुवाद |
| ४७ | लक्ष्मण माने | उपरा (१९८०), पांढरा प्रकाश, बंद दरवाजा, विमुक्त | भटक्या विमुक्त कैकाडी समाजाचे पहिले आत्मकथन (साहित्य अकादमी १९८१) |
| ४८ | बाबुराव बागूल | जेव्हा मी जात चोरली होती, मरण स्वस्त होत आहे, अघोरी, सूड | दलित शोषित समाजातील क्रांतीचे प्रवर्तक व 'दलित साहित्याचे जाहीरनामा' |
| ४९ | नामदेव लक्ष्मण ढसाळ | गोलपिठा, मूर्ख म्हाताऱ्याने डोंगर हलवले, खेळ, या सत्तेत जीव रमत नाही | दलित पॅंथरचे संस्थापक; आंतरराष्ट्रीय स्तरावर वाखाणलेले विद्रोही कवी |
| ५० | डॉ. शरणकुमार लिंबाळे | अक्करमाशी, सनातन, दलित साहित्याचे सौंदर्यशास्त्र, उपल्या | 'सनातन' कादंबरीसाठी सरस्वती सन्मान २०२१ (सर्वोच्च) |
| ५१ | शंकरराव खरात | तराळ-अंतराळ, गावचा टिनपाट राजा, बाभळीचा काटा, टिटवीचा फेर | महार व गावगाड्यातील उपेक्षितांच्या व्यथा मांडणारे ज्येष्ठ आत्मचरित्रकार |
| ५२ | उत्तम कांबळे | आई समजून घेताना, आठवणींचे पक्षी, अस्वस्थ नायक, भटक्यांचे जग | आईवरील हृदयस्पर्शी आत्मकथन व ज्येष्ठ पत्रकार-साहित्यिक |
| ५३ | लक्ष्मीबाई टिळक | स्मृतिचित्रे (४ भाग) | रेव्हरंड नारायण वामन टिळक यांच्या पत्नी; मराठीतील सर्वोत्तम प्रांजळ आत्मचरित्र |
| ५४ | सुनीता देशपांडे | आहे मनोहर तरी..., सोयरे सकळ, मण्यांची माळ | पु. ल. देशपांडे यांच्या पत्नी; अत्यंत स्पष्टवक्ते, प्रामाणिक व वादळी आत्मचरित्र |
| ५५ | अच्युत गोडबोले | मुसाफिर (आत्मचरित्र), किमयागार (विज्ञान), बोर्डरूम (उद्योग), मनकल्लोळ, नादवेध | विज्ञान, तंत्रज्ञान, मानसशास्त्र व अर्थशास्त्राचे मराठीतील ज्ञानप्रसारक |
| ५६ | डॉ. नरेंद्र दाभोलकर | तिमिराकडून तेजाकडे, भ्रम आणि निरास, अंधश्रद्धा: प्रश्नचिन्ह आणि पूर्णविराम | महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समितीचे संस्थापक; वैज्ञानिक दृष्टिकोनाचे प्रणेते |
| ५७ | महात्मा ज्योतिराव फुले | शेतकऱ्याचा असूड (१८८३), गुलामगिरी (१८७३), सार्वजनिक सत्यधर्म पुस्तक, तृतीय रत्न (नाटक) | सत्यशोधक समाजाचे संस्थापक; आधुनिक महाराष्ट्रातील प्रबोधनाचे जनक |
| ५८ | गोपाळ गणेश आगरकर | डोंगरीच्या तुरुंगातील आमचे १०१ दिवस, विकारविलसित (हॅम्लेट भाषांतर), 'सुधारक' चे अग्रलेख | बुद्धीप्रामाण्यवाद व व्यक्तिस्वातंत्र्याचे आद्य पुरस्कर्ते |
| ५९ | डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर | Annihilation of Caste, The Problem of the Rupee, Who Were the Shudras?, The Buddha and His Dhamma | भारतीय राज्यघटनेचे शिल्पकार; मूकनायक व बहिष्कृत भारत वृत्तपत्रांचे जनक |
| ६० | आचार्य विनोबा भावे | गीता प्रवचने, गीताई (गीतेचा समश्लोकी मराठी अनुवाद), स्थितप्रज्ञ दर्शन | भूदान चळवळीचे प्रणेते; भारताचे पहिले रॅमन मॅगसेसे पुरस्कार विजेते |
| ६१ | महादेवशास्त्री जोशी | भारतीय संस्कृती कोश (१० महाखंड) | भारतीय संस्कृती, परंपरा व धर्मशास्त्राचा मराठीतील महाज्ञानकोश |
| ६२ | म्हाइंभट (म्हाइंभट सरिये) | लीळाचरित्र (इ.स. १२७८), गोविंदप्रभू चरित्र | चक्रधर स्वामींचे चरित्र; मराठी भाषेतील पहिला उपलब्ध गद्य ग्रंथ |
| ६३ | संत ज्ञानेश्वर महाराज | भावार्थदीपिका (ज्ञानेश्वरी - १२९०), अमृतानुभव, चांगदेव पासष्टी, हरिपाठ, पसायदान | वारकरी संप्रदायाचे संस्थापक व मराठी भाषेचे अमर शिल्पकार |
| ६४ | संत तुकाराम महाराज | तुकाराम गाथा (सुमारे ४,५०० अभंग) | वारकरी संप्रदायाचा कळस ('तुका झालासे कळस'); लोकशिक्षणाचे महान संत |
| ६५ | समर्थ रामदास स्वामी | दासबोध (२० दशक, २०० समास), मनाचे श्लोक (२०५ श्लोक), आत्माराम, मारुती स्तोत्र | प्रयत्नवादी संत; छत्रपती शिवाजी महाराजांचे समकालीन मार्गदर्शक विचारवंत |
🌊 मराठीतील प्रमुख साहित्य चळवळी
🏅 महत्त्वाचे साहित्यिक पुरस्कार व गौरव
⚡ परीक्षोपयोगी महत्त्वाची ऐतिहासिक तथ्ये (Quick Revision)
⚡ परीक्षेतील 'लेखक ↔ पुस्तक' जलद उजळणी (Rapid Fire Q&A)
शब्दसंग्रह व मराठी साहित्य सराव चाचणी ०१
या घटकाचा अभ्यास पूर्ण झाला असल्यास लगेच चाचणी सोडून सराव करा.